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कविता मेरा सपना

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माँ

Posted On: 9 May, 2013 में

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माँ शब्द ही एक सुन्दर एहसास है
ममता, उदारता, नम्रता
प्रेम और सम्मान का !

आशीर्वाद , निर्मलता
ईश्वर और उसके विश्वास का !!

बेटा सदा माँ का लाडला
सुन्दर और सुशील
और कोमल होता है !

सदा पाँच साल का छुटकू
बदमास और
सुकुमार होता है !!

बच्चा भी सदा माँ के पास
महफूज, निर्भय
और समशेर होता है !

एक पल भी माँ से जुदा
नहीं रह सकता
वो बच्चा बिना माँ के ढेर होता है !!

जब होता है बच्चा छोटा
रखती है पास, पिलाती है दूध
बच्चे को मातृत्व का एहसास होता है !

जब बच्चा बड़ा होकर
माँ की सेवा करता है
तब माँ को भी अपनी ममता पर नाज होता है !!



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60 प्रतिक्रिया

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नवीनतम प्रतिक्रियाएंLatest Comments

rekhafbd के द्वारा
May 19, 2013

ऋषभ जी ,बहुत सुंदर भाव माँ के प्रति ,हार्दिक बधाई

    ऋषभ शुक्ला के द्वारा
    May 20, 2013

    धन्यवाद रेखा जी, हमें आशा ही नहीं पूर्ण विश्वास है की आप सब आगे भी हमारा मार्गदर्शन करते रहेंगे. शुक्रिया.

yogi sarswat के द्वारा
May 18, 2013

बहुत सुन्दर

    ऋषभ शुक्ला के द्वारा
    May 18, 2013

    शुक्रिया योगी सारस्वत जी, हमें आशा ही नहीं पूर्ण विश्वास है की आप सब आगे भी हमारा मार्गदर्शन करते रहेंगे. शुक्रिया.

harirawat के द्वारा
May 17, 2013

यार एक विचारशील माँ का अतीत लाडला लगता है, कविता के एक एक शब्द जोर लगा कर कहता है, बहुत सुन्दर कविता है, माँ के आशीर्वाद का असर लगता है, इसलिए लगातार रसीली कविता लिखता है, बधाई !

    ऋषभ शुक्ला के द्वारा
    May 18, 2013

    शुक्रिया हरी रावत जी, हमें आशा ही नहीं पूर्ण विश्वास है की आप सब आगे भी हमारा मार्गदर्शन कसरते रहेंगे. शुक्रिया.

Kd Awasthi के द्वारा
May 17, 2013

शुक्ला जी आपके कविता की तारीफ करना सूरज को दिया दिखाने के समान है

    ऋषभ शुक्ला के द्वारा
    May 18, 2013

    शुक्रिया अवस्थी जी, हमें आशा ही नहीं पूर्ण विश्वास है की आप सब आगे भी हमारा मार्गदर्शन करते रहेंगे. शुक्रिया.

aman kumar के द्वारा
May 17, 2013

जब बच्चा बड़ा होकर माँ की सेवा करता है तब माँ को भी अपनी ममता पर नाज होता है !! आपका आभार ! http://amankumaradvo.jagranjunction.com/wp-admin/post.php?action=edit&post=1

    ऋषभ शुक्ला के द्वारा
    May 17, 2013

    शुक्रिया अमन कुमार जी, इस सुन्दर कमेंट के लिए, आशा है आप आगे भी हमारा इसी तरह मार्गदर्शन करते रहेंगे. शुक्रिया .

omdikshit के द्वारा
May 17, 2013

शुक्ला जी ,नमस्कार. बहुत सुन्दर भाव लेकिन निशा जी से भी सहमत.

    ऋषभ शुक्ला के द्वारा
    May 17, 2013

    शुक्रिया ॐ दीक्षित जी, इस सुन्दर कमेंट के लिए, आशा है आप आगे भी हमारा इसी तरह मार्गदर्शन करते रहेंगे. शुक्रिया .

meenakshi के द्वारा
May 16, 2013

रिषभ जी बड़ी मासूम ..व प्यारी काव्य रचना “माँ बेटे” पर लिखी है; बहुत-२ बधाई आपको .

    ऋषभ शुक्ला के द्वारा
    May 17, 2013

    शुक्रिया मीनाक्षी जी, इस सुन्दर कमेंट के लिए, आशा है आप आगे भी हमारा इसी तरह मार्गदर्शन करते रहेंगे. शुक्रिया .

laxmikadyan के द्वारा
May 16, 2013

बहुत ही सुन्दर तरीके से आपने माँ बेटे का वर्णन किया हे अच्छा लिखते हो लिखते रहा करो

    ऋषभ शुक्ला के द्वारा
    May 17, 2013

    शुक्रिया लक्ष्मी कादयान जी, इस सुन्दर कमेंट के लिए, आशा है आप आगे भी हमारा इसी तरह मार्गदर्शन करते रहेंगे. शुक्रिया .

PRADEEP KUSHWAHA के द्वारा
May 16, 2013

जब बच्चा बड़ा होकर माँ की सेवा करता है तब माँ को भी अपनी ममता पर नाज होता है सुंदर भाव मन मान ही होती है प्रतिकर नही चाहती लिखते रहिये. बधाई

    PRADEEP KUSHWAHA के द्वारा
    May 16, 2013

    माँ पढने का कष्ट करें

    ऋषभ शुक्ला के द्वारा
    May 16, 2013

    धन्यवाद प्रदीप जी इस सुन्दर कमेंट के लिए , आशा है आगे भी इस तरह हमारा मार्गदर्शन करते रहेंगे .

Aakash Tiwaari के द्वारा
May 16, 2013

आपने वही अलफ़ाज़ लिखे है जो आपके ज़ेहन में थे..सुन्दर प्रस्तुती… आकाश तिवारी

    ऋषभ शुक्ला के द्वारा
    May 16, 2013

    शुक्रिया आकाश जी इस मार्गदर्शन के लिए , और आशा करता हूँ की आगे भी आप ऐसे ही हमारा मार्गदर्शन करते रहेंगे. शुक्रिया

Madan Mohan saxena के द्वारा
May 16, 2013

बहुत सुंदर भावनायें और शब्द भी …बेह्तरीन अभिव्यक्ति …!!शुभकामनायें.

    ऋषभ शुक्ला के द्वारा
    May 16, 2013

    शुक्रिया मदन मोहन सक्सेना जी ………

ashishgonda के द्वारा
May 16, 2013

आदरणीय ऋषभ जी! माँ शब्द ही एक सुन्दर एहसास है ममता, उदारता, नम्रता प्रेम और सम्मान का ! आशीर्वाद , निर्मलता ईश्वर और उसके विश्वास का !! माँ के चरणों में समर्पित बहुत ही सुन्दर और उन्दा रचना. हार्दिक बधाई. मैंने भी अपनी काव्य-साधना का आरम्भ इसी विषय से किया था जिसे पढ़ने के लिए मैं आपको “सहृदय” आमंत्रित करता हूँ… एक ही भावना से दो कवितायेँ लिखी थी सच्चा ईश्वर http://ashishgonda.jagranjunction.com/2012/03/15/%E0%A4%B8%E0%A4%9A%E0%A5%8D%E0%A4%9A%E0%A4%BE-%E0%A4%87%E0%A4%B6%E0%A5%8D%E0%A4%B5%E0%A4%B0/ सच्चा ईश्वर भाग- २ http://ashishgonda.jagranjunction.com/2012/03/19/%E0%A4%B8%E0%A4%9A%E0%A5%8D%E0%A4%9A%E0%A4%BE-%E0%A4%88%E0%A4%B6%E0%A5%8D%E0%A4%B5%E0%A4%B0-%E0%A4%AD%E0%A4%BE%E0%A4%97-2/

    ऋषभ शुक्ला के द्वारा
    May 16, 2013

    शुक्रिया आशीष जी इस सुन्दर विचार के लिए, मै आपकी कविता जरूर पढूंगा. शुक्रिया

rishabh786 के द्वारा
May 15, 2013

सुन्दर रचना , मै आपकी रचना प्रकाशित करना चाहता हूँ . इसलिए आप अपनी रचना इस मेल पर मेल कर दीजिये . rishabhshuklahindipoet@gmail.com

    ऋषभ शुक्ला के द्वारा
    May 15, 2013

    शुक्रिया रिषभ भाई कर दूंगा .

rishabh786 के द्वारा
May 15, 2013

इस कविता को इस मेल पर भेज दीजिये – रिशभ्शुक्लहिन्दिपोएत@जीमेल.com

priti के द्वारा
May 15, 2013

माँ शब्द ही एक सुन्दर एहसासI है…इस एक पंक्ति में ही आपकी कविता का सार है …..बहुत ही सहज और सुंदर ! हार्दिक बधाई! रिषभ जी .

Arunesh Mishra Sitapuriya के द्वारा
May 15, 2013

एक सच्ची, सरल और सुन्दर रचना…

aman kumar के द्वारा
May 15, 2013

माँ पर जितना लिखा जाये कम है ………. आपकी प्रस्तुति अच्छी है !

    ऋषभ शुक्ला के द्वारा
    May 15, 2013

    धन्यवाद अमन जी , सही कहा अपने माँ तो उस अथाह सागर की तरह है जीसमे सम्पूर्ण विश्व समाया हुआ है. शुक्रिया

DR. SHIKHA KAUSHIK के द्वारा
May 15, 2013

माँ के प्रति मन के भावों को उकेरती सुन्दर रचना हेतु बधाई .

    ऋषभ शुक्ला के द्वारा
    May 15, 2013

    शुक्रिया शिखा जी, यहाँ अपने विचार व्यक्त करने के लिए .

bhanuprakashsharma के द्वारा
May 15, 2013

सुंदर अभिव्यक्ति। मां तो ऐसा नाम है, जिसके लिए शब्द ही कम पड़ जाएं। 

    ऋषभ शुक्ला के द्वारा
    May 15, 2013

    सही कहा आपने माँ को तो भगवान से भी बढ़कर माना गया है शुक्रिया

roshni के द्वारा
May 14, 2013

ऋषभ जी माँ को शब्दों में व्यक्त करने की अच्छी कोशिश .. सुंदर भावनाए आभार

    ऋषभ शुक्ला के द्वारा
    May 15, 2013

    शुक्रिया रोशनी जी, मेरे मार्गदर्शन के लिए, हमें आशा है की आप सब ऐसे हे हमारा मार्गदर्शन करते रहेंगे. धन्यवाद .

rishabh786 के द्वारा
May 14, 2013

बहूत ही सुन्दर रचना लिखते रहिये

sinsera के द्वारा
May 10, 2013

ऋषभ जी, माँ के नाम लिखी गयी ये कच्ची पक्की सी कविता बड़ी प्यारी लगी.. आपकी भावना को नमन…

vasudev tripathi के द्वारा
May 10, 2013

सुंदर भावयुक्त रचना। हार्दिक बढ़िया ऋषभ जी।

DEEPAK TIWARI के द्वारा
May 10, 2013

ऋषभ जी सुंदर रचना के लिए बधाई

surendra shukla bhramar5 के द्वारा
May 9, 2013

जब होता है बच्चा छोटा रखती है पास, पिलाती है दूध बच्चे को मातृत्व का एहसास होता है ! जब बच्चा बड़ा होकर माँ की सेवा करता है तब माँ को भी अपनी ममता पर नाज होता है !! सुन्दर भाव शुक्ला जी ..काश लोग मातृप्रेम से पूरित रहें जैसे नन्हे शिशु को माँ बाप के प्रेम और संरक्षण की जरुरत होती है वैसे ही वृद्धावस्था में माँ बाप को अपने उसी लाडले की … जय श्री राधे भ्रमर ५

Alka के द्वारा
May 9, 2013

ऋषभजी , माँ जैसा इस दुनिया में दूसरा कोई नहीं होता | सुन्दर रचना केलिए बधाई …

nishamittal के द्वारा
May 9, 2013

ऋषभ जी रचना भावपूर्ण है परन्तु लाडली बेटी भी होती है

Rajesh Kumar Srivastav के द्वारा
May 9, 2013

बहुत सुन्दर रचना / मेरी भी एक रचना माँ के ऊपर है / आपकी प्रतिक्रिया चाहूँगा / http://rajeshkumarsrivastav.jagranjunction.com/2013/05/09/%E0%A4%AE%E0%A4%BE%E0%A4%81-%E0%A4%A4%E0%A5%81%E0%A4%9D%E0%A5%87-%E0%A4%B8%E0%A4%B2%E0%A4%BE%E0%A4%AE-%E0%A4%8F%E0%A4%95-%E0%A4%B2%E0%A4%98%E0%A5%81-%E0%A4%95%E0%A4%A5%E0%A4%BE/

bhagwanbabu के द्वारा
May 9, 2013

अच्छी कोशिश की है माँ जैसे विषय पर लिखने की.. लिखते रहो….   . http://bhagwanbabu.jagranjunction.com/2013/05/05/%E0%A4%B8%E0%A4%B0%E0%A4%AC%E0%A4%9C%E0%A5%80%E0%A4%A4-%E2%80%9C%E0%A4%B6%E0%A4%B9%E0%A5%80%E0%A4%A6%E2%80%9D-%E0%A4%95%E0%A5%8D%E0%A4%AF%E0%A5%8B%E0%A4%82/

ऋषभ शुक्ला के द्वारा
May 9, 2013

If you love your mother like this poem and if you love all mothers comment on this poem. thank you.

ऋषभ शुक्ला के द्वारा
May 9, 2013

this poem is only for all loving mothers. I love you, mom.


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